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जानिये फेफड़ों को मजबूत करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤
फेफड़ों को मजबूत करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤
 फेफड़े हमारे सिसà¥à¤Ÿà¤® को चालू रखने के लिठअथक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं, और हमें उनके उचित फंकà¥à¤¶à¤¨ के लिठदेखà¤à¤¾à¤² को महतà¥à¤µ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। फेफड़े मानव जीवन के लिठआवशà¥à¤¯à¤• हैं। सांस लेने से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ आती है और कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ बाहर निकलती है, जो चयापचय का à¤à¤• अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है। हमारे शरीर को इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने के लिà¤, आपके फेफड़ों का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। कà¥à¤› पोषक ततà¥à¤µ, विशेष रूप से, सांस लेने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद कर सकते हैं और आपको बेहतर सांस लेने में मदद कर सकते हैं। इसीलिठयह जानना बेहद ज़रूरी है कि फेफड़ों को मजबूत करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ| कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का पालन करके आप अपने फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रख सकते हैं और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठअपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की रकà¥à¤·à¤¾ कर सकते हैं।
बहà¥à¤¤ से लोग à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, काली खांसी, गले में जलन, विशेषकर वृदà¥à¤§ लोगों से पीड़ित होते हैं। फेफड़ों में सूजन से सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है और à¤à¥€à¤¡à¤¼ हो सकती है।
हमारा आहार à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है, और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और फेफड़ों पर पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने में आहार की à¤à¥‚मिका का पता लगाने के लिठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया गया है। à¤à¤¸à¥‡ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जिनका सेवन आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ फेफड़ों के लिठकर सकते हैं और इनसे बच सकते हैं।
फेफड़ों को मजबूत करने के उपाय
1. धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करो – आपको पता था à¤à¤¸à¤¾ होने वाला है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ फेफड़ों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है, जिससे फेफड़ों के कैंसर से लेकर सांस की बीमारी तक सà¤à¥€ तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। और यह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से आपके फेफड़ों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। हम सà¤à¥€ ने सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ फेफड़ों और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों के फेफड़ों के बीच तà¥à¤²à¤¨à¤¾ देखी है – à¤à¤¨à¤à¤šà¤à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने के नौ महीने बाद आपके फेफड़ों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कम से कम 10% का सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा।
2. अपने पोसà¥à¤šà¤° को ठीक रखें – अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि बैठने से फेफड़े की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आपके फेफड़ों को निचोड़ती है, जिससे वे छोटे हो जाते हैं। तो, बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ ठीक करने के लिà¤, फेफड़ों की सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठसीधे बैठें। à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ पीठदरà¥à¤¦ में à¤à¥€ मदद कर सकती है।
3. परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी का सेवन करें – इस साल जारी à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि उचà¥à¤š विटामिन डी का सà¥à¤¤à¤° बेहतर फेफड़ों के कारà¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ था। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, आप जहां रहते हैं उसके आधार पर, अधिकांश लोगों को धूप से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी मिल सकता है। जैसे-जैसे सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के महीने आते हैं और सूरज गायब हो जाता है, यह विटामिन डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• में निवेश करने लायक हो सकता है। तैलीय मछली, अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ और रेड मीट जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ विटामिन डी पाया जा सकता है।
4. सांस लेने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें – गहरी साà¤à¤¸ लेना। नहीं, वासà¥à¤¤à¤µ में, यह इतना आसान है। साà¤à¤¸ लेने के कई वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हैं जो आप कर सकते हैं जो आपके फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद करते हैं। à¤à¤• में अपनी पीठको à¤à¥à¤•ाकर खड़ा होना, साà¤à¤¸ लेना और साà¤à¤¸ छोड़ने से पहले 10 सेकंड के लिठअपनी सांस रोकना शामिल है – जो आसानी से टेली देखते हà¥à¤ किया जा सकता है।
यह थे फेफड़ों को मजबूत करने के लिठघरेलू उपाय।
फेफड़ों के लिठआहार
आइये अब जान लेते है की फेफड़ों को मजबूत करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤:
1. पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और केल फेफड़ों के लिठआहार है जो फेफड़ों के कैंसर की पà¥à¤°à¤—ति को रोकने और फेफड़ों के कैंसर के विकास के जोखिम को आधा करने के लिठदिखाया गया है। वे कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤² में समृदà¥à¤§ हैं जो रकà¥à¤¤ को साफ और बनाता है और कà¥à¤› बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤¾ होता है।
2. अदरक
इस मसाले में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं और यह फेफड़ों से पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों को खतà¥à¤® करने में मदद करता है। अदरक सिरà¥à¤« फेफड़ों के लिठही नहीं बलà¥à¤•ि शरीर के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। अदरक फेफड़ों की ताकत के लिà¤, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बढ़ावा देने और सांस लेने में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद करने वाले वायॠमारà¥à¤— को कम करने और बंद करने में मदद कर सकता है।
3. चकोतरा
नारिंगिन, अंगूर में à¤à¤• फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡, कैंसर पैदा करने वाले à¤à¤‚जाइम की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ को रोकता है। सफेद अंगूर में इस फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ की उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ होती है, हालांकि गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ अंगूर में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट लाइकोपीन के साथ कà¥à¤› à¤à¥€ होता है। अंगूर धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने के बाद फेफड़ों को साफ करने में विशेष रूप से अचà¥à¤›à¤¾ है। फल 92% पानी है इसलिठयह आपको हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखने के लिठआदरà¥à¤¶ है, आपके संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का समरà¥à¤¥à¤¨ करता है।
4. गाजर
गाजर विटामिन à¤, विटामिन सी और लाइकोपीन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं, सà¤à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट जो फेफड़ों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं और फेफड़ों की बीमारी के विकास की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करते हैं। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने पाया कि गाजर का रस पीने से धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का कारण बनने वाले नà¥à¤•सान को रोकने में मदद मिल सकती है। गाजर चलते-फिरते खाने के लिठà¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ सà¥à¤¨à¥ˆà¤• है।
5. बीनà¥à¤¸, बीज और मेवा
इन सà¤à¥€ में अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है, à¤à¤• खनिज जो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ फेफड़ों के कारà¥à¤¯ में योगदान देता है। वे आवशà¥à¤¯à¤• फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं जो हृदय पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के लिठअचà¥à¤›à¥‡ होते हैं। अलसी के बीज à¤à¤• बढ़िया विकलà¥à¤ª हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें विटामिन ई की à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खà¥à¤°à¤¾à¤• होती है, जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बढ़ावा देती है और लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करती है।
अपने आहार में मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¤° अखरोट शामिल करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। वे ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¥‡ होते हैं और माना जाता है कि इसमें विरोधी à¤à¤¡à¤¼à¤•ाऊ गà¥à¤£ होते हैं जो असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और अनà¥à¤¯ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से निपटने में मदद कर सकते हैं। जब आप यातà¥à¤°à¤¾ पर हों तो मेवे à¤à¥€ à¤à¤• शानदार सà¥à¤¨à¥ˆà¤• हैं।
6. शà¥à¤¦à¥à¤§ जल
फेफड़े मजबूत करने के उपाय में ये सबसे साधारण और आसान उपाय है। पानी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में बहà¥à¤¤ बड़ी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है और किसी à¤à¥€ सफाई कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का आधार है। फेफड़ों में रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बनाठरखने के लिठशà¥à¤¦à¥à¤§, सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी आवशà¥à¤¯à¤• है। यह हमारे फेफड़ों को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ रखता है और बलगम à¤à¥€ बहता रहता है। यह घृणित लग सकता है, लेकिन यह बलगम महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है और सिलिया को विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, रोगाणà¥à¤“ं और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों के साथ-साथ इसे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने के लिठसही सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
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